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शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सदन में बोले सीएम हेमंत- न सिर्फ कार्यकाल पूरा करेंगे, फिर से सत्ता में आएंगे

झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सीएम हेमंत सोरेन ने सदन में फिर यह दोहराया कि राज्य सरकार जाति आधारित जनगणना कराएगी। वहीं अपने समापन भाषण में मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया राज्य सरकार न सिर्फ अपना कार्यकाल पूरा करेगी, बल्कि अगली बार फिर से सत्ता में आएगी। वहीं बीजेपी के विधायक सीएम के वक्तव्य के समय सदन से वॉक आउट कर गए।

शीतकालीन सत्र 5 विधेयक पारित

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने अपने समापन समारोह में कहा कि इस सत्र में कुल 247 प्रश्न स्वीकृत हुए। ये सभी अल्पसूचित प्रश्न है। इस सत्र में समयाभाव के कारण तारांकित प्रश्न नहीं लिए जा सके। इनमें से 05 प्रश्न उत्तरित हुए 241 प्रश्नों के उत्तर विभागों से प्राप्त हुए। शेष 06 प्रश्न विभागों के पास उत्तर के लिए लंबित हैं। 78 शून्यकाल स्वीकृत हुए 20 स्वीकृत ध्यानाकर्षण सूचनाओं में से 01 ध्यानाकर्षण सूचना उत्तरित हुई। शेष लंबित ध्यानाकर्षण सूचनाओं को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति को सुपूर्द किया जाता है। 19 निवेदन स्वीकृत हुए इसे संबंधित विभागों को भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि विनियोग विधेयक सहित कुल 5 विधेयक सभा में पेश हुए, जिसमें सभी पांचों विधेयकों को पारित किया गया। विभागों से ऑनलाइन प्राप्त उत्तर के दृष्टिकोण से इस सत्र में 90.69 उत्तर प्राप्त हुए। सत्र में सदन द्वारा झारखण्ड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 के माध्यम से झारखण्ड आंदोलनकारियों या उनके आश्रितों को नौकरियों में आरक्षण प्रदान करने का काम किया गया है।

स्थानीयता नीति विधेयक पारित

रबिन्द्रनाथ महतो ने कहा कि यह सत्र निश्चित रूप से एक छोटा सत्र था पर कई मायनों में इस सत्र के दौरान लिये गये निर्णय ऐतिहासिक थे। राज्य सरकार ने पिछले साल 11 नवम्बर को ‘‘झारखण्ड स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा और परिणामी, समाजिक, सांस्कृतिक और अन्य लाभों को ऐसे स्थानीय व्यक्तियों तक विस्तारित करने के लिए विधेयक 2022‘‘ को ध्वनिमत से पास किया था।

बीजेपी विधायकों के हंगामे प्रश्नोत्तर काल की कार्यवाही बाधित

इससे पहले आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर आसन का अवमानना का आरोप लगाने पर जमकर हंगामा किया। जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने आसन के सामने आकर विरोध जताया और विधायक प्रदीप यादव के आरोपों को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की। इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला समेत कांग्रेस के कुछ विधायक भी भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए आसन के करीब आ गए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े 12.30 बजे तक स्थगित कर दी गई। विधायक प्रदीप यादव ने बाबूलाल मरांडी की ओर से आसन का अवमानना किया गया है, इसलिए बाबूलाल मरांडी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस आरोप के बाद हंगामे के चलते 11.20 बजे तक सदन की

कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसके बाद जब 12.35 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक स्टीफन मरांडी ने एक बार फिर यह मुद्दा उठाया, जिसके लिए मंत्री आलमगीर आलम, विधायक प्रदीप यादव और इरफान अंसारी ने उनका समर्थन किया। उन्होंने मरांडी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद भी हंगामा चलता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई और गैर-सरकारी विधेयक पेश किए गए। दोपहर बाद गैर सरकारी संकल्पों पर सरकार के आश्वासन और मुख्यमंत्री के समापन संबोधन के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

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