राज्यपाल ने कहा, अब नक्सलियों का गढ़ नहीं बल्कि ‘विकासगढ़’ के रूप में बस्तर की पहचान हुई

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरीचंदन ने बुधवार को कहा कि लगातार हो रहे विकास के कारण बस्तर अब नक्सलियों का गढ़ नहीं बल्कि ‘विकासगढ़’ के रूप में नई पहचान बना लिया है. छत्तीसगढ़ की 16 व सत्र के पांचवीं विधानसभा के पहले दिन अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि राज्य में किसानों के विकास और कृषि संबंधी गतिविधियों पर ध्यान देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था समृद्ध हुई है.
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि पेसा कानून का लाभ आदिवासी समाज को ना मिल पाना एक विडंबना थी जिसका प्रदेश में समाधान करते हुए पेसा कानून के लिए नियम बनाए गए. मेरी सरकार ने न्याय की अवधारणा को व्यापक विस्तार देते हुए जेल में बंद हुआ. अनावश्यक मुकदमे बाजी उलझे आदिवासियों की रिहाई सुनिश्चित की उन्होंने कहा कि उनके आर्थिक, सामाजिक, सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों से विश्वास का वातावरण बना जिसके कारण दुर्गम अंचलों में भी सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली प्रदाय, पानी, राशन, पोषण, रोजगार बल में भर्ती जैसे अनेक उपाय किए जा सकते हैं.



