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शंभू: रविवार को हरियाणा-पंजाब सीमा पर tear gas और पानी की बौछारों के बाद किसानों ने ‘दिल्ली चलो’ पदयात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि संघर्ष में 8 किसान घायल हुए हैं, जिनमें से एक को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया है।

मुख्य बिंदु:
किसानों की मांगें:

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए कानूनी गारंटी।
कर्ज माफी, किसानों और मजदूरों के लिए पेंशन।
आंदोलन पर हिंसा:

हरियाणा पुलिस ने tear gas और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
किसानों ने दावा किया कि 16 लोग घायल हुए, जिनमें से एक ने सुनने की क्षमता खो दी।
पदयात्रा रोकी गई:

किसानों का जत्था (101 लोग) शंभू सीमा से दिल्ली की ओर निकला, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस ने बिना अनुमति के आगे बढ़ने पर रोक लगाई।
फूलों से स्वागत और tear gas का हमला:

शुरुआत में पुलिस ने फूलों की पंखुड़ियां बिखेरीं, लेकिन बाद में tear gas का सहारा लिया।
हरियाणा पुलिस का बयान:

DSP ने कहा कि किसानों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके कारण कार्रवाई करनी पड़ी।
ग्रामीणों का रोष:

किसानों ने BJP नेताओं के पंजाब में प्रवेश का विरोध करने का ऐलान किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
मीडिया पर पाबंदी:

हरियाणा पुलिस ने पंजाब पुलिस से आग्रह किया कि मीडिया को प्रदर्शन स्थल से 1 किमी दूर रखा जाए।
आंदोलन का 300वां दिन:

किसान आंदोलन 300 दिनों से जारी है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई पहल नहीं की।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था:

दिल्ली की सीमा और नोएडा में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
आंदोलन का भविष्य:

किसान संगठनों की बैठक के बाद अगले कदम का फैसला होगा।

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