यह कदम करीब एक महीने बाद उठाया गया, जब अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने 2 दिसंबर के आदेश को जल्द लागू करने का निर्देश दिया था। वर्किंग कमेटी की बैठक पार्टी मुख्यालय में हुई, जहां बादल का इस्तीफा स्वीकार किया गया। इस्तीफे के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। बादल ने 16 नवंबर 2024 को पार्टी प्रमुख पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, पार्टी की वर्किंग कमेटी ने उस समय उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया था और उनसे इसे पुनर्विचार करने की अपील की थी। वर्किंग कमेटी ने यह भी कहा था कि यदि बादल इस्तीफे पर अडिग रहे, तो पूरी कमेटी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देगी। पार्टी नेताओं ने बादल के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में अकाली दल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर जल्द घोषणा होने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर मिलाजुला माहौल देखने को मिला। कुछ ने इसे पार्टी में नए नेतृत्व को अवसर देने का कदम बताया, जबकि अन्य ने इसे पार्टी के लिए कठिन समय करार दिया।



