रांची में कैडर रिव्यू कमेटी की बैठक नहीं हो सकी। यह बैठक पांच मई को आयोजित होनी थी। सरकार ने संघ के पदाधिकारियों को सदस्य बनाया था। कार्मिक विभाग ने 30 अप्रैल को आदेश जारी किया। लेकिन सूचना समय पर नहीं दी गई। बैठक से दो घंटे पहले जानकारी दी गई। इससे संघ के पदाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने बैठक में भाग नहीं लिया। इसके कारण बैठक स्थगित हो गई। मामला चर्चा का विषय बन गया है।
कैडर रिव्यू कमेटी सचिवालय सेवा के लिए बनी थी। इसका उद्देश्य पदों का पुनर्गठन करना है। वर्तमान में उपसचिव के 54 पद हैं। संयुक्त सचिव के 23 पद हैं। संघ ने नए पदों की मांग की है। उपसचिव के 41 और संयुक्त सचिव के 24 पद मांगे गए हैं। पहले संघ को शामिल नहीं किया गया था। इसी कारण आंदोलन हुआ। 28 अप्रैल को मानव श्रृंखला बनाई गई। इसके बाद सरकार से वार्ता हुई।
वार्ता में मंत्री सुदिव्य कुमार और इरफान अंसारी शामिल हुए। संघ को कमेटी में शामिल करने पर सहमति बनी। इसके बाद आदेश जारी हुआ। अध्यक्ष रितेश कुमार और महासचिव राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया। पांच मई को बैठक तय की गई। लेकिन सूचना देर से दी गई। संघ ने इसका विरोध किया। पदाधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। कार्मिक सचिव को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें नियमों पर सवाल उठाए गए।



