हजारीबाग भूमि घोटाले का मामला लंबे समय से चर्चा में है। यह घोटाला तत्कालीन प्रशासन से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने दस्तावेज जुटाए हैं। कोर्ट ने केस को गंभीर माना है।
इस मामले में सरकारी और भूदान की जमीन शामिल है। जंगल और चारागाह भूमि का भी दुरुपयोग हुआ। आरोप है कि जाली कागजात बनाए गए। जमीन को अवैध रूप से खरीदा और बेचा गया। बाद में रजिस्ट्रेशन कराया गया।
एसीबी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। कुल 68 नाम एफआईआर में हैं। कई लोगों पर शिकंजा कस चुका है। अग्रिम जमानत खारिज होना अहम कदम है। आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।



