प्रकाश राज ने दी सफाई, सुनाई नील आर्मस्ट्रॉन्ग को चांद पर चाय की टपरी दिखने की कहानी
साउथ एक्टर प्रकाश राज ने चंद्रयान-3 पर आपत्तिजनक ट्वीट किया था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी थी। एक्टर ने लिखा था कि विक्रमलैंडर ने चांद से पहली तस्वीर भेजी हैं, जहां एक शख्स चाय बेचता नजर आ रहा है। इसी पोस्ट के बाद प्रकाश राज को ट्रोल किया जाना शुरू कर दिया और फिर विवाद बढ़ ग या। मगर इस ट्वीट के बाद प्रकाश राज ने एक और पोस्ट किया और अपनी सफाई रखी कि वह सिर्फ मशहूर जोक को समझा रहे थे।
इस पूरे मसले के बाद लोग भी कंफ्यूज हो गए हैं कि आखिर नील आर्मस्ट्रॉन्ग और चांद पर चाय की दुकान वाला वो जोक कौन सा है। कैसे मलयालियों को लेकर आज भी वो चुटकुला गड़ा जाता है। आइए बताते हैं आखिर Prakash Raj ने इस मसले पर उस चुटकुले के बारे में क्या कहा था।
प्रकाश राज ने दी सफाई

प्रकाश राज ने ट्विटर पर एक बार फिर अपने ही पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए कहा कि हेटर्स को सिर्फ हेट दिखता है। लेकिन वह तो आर्मस्ट्रॉन्ग के जमाने वाले जोक के बारे में बात कर रहे थे। जहां केरल चायवाला को सेलिब्रेट किया जाता है। अगर आप जोक को जोक की तरह नहीं ले सकते तो चुटकुला भी आप पर ही है। प्लीज थोड़ा ग्रो कीजिए।
क्या है चांद पर चाय बेचने वाला वो चुटकुला
अब आते हैं उस चुटकुले पर, जिसकी बात प्रकाश राज कहना चाह रहे हैं। 20 जुलाई 1969 को आर्मस्ट्रॉन्ग ने चंद्रमा पर कदम रखा था। तो चुटकुला ये था कि नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने जैसे ही चांद पर पहला कदम रखा तो उन्हें वहां पर 60 के दशक का मलयाली गाना बजता सुनाई दिया। जहां एक लुंगी पहने एक शख्स की चाय की टपरी भी दिखाई दी, जिस पर लिखा था, ‘यहां चाय बनाने वाले मलयाली बड़े भैया से धर्म की बात करना बिल्कुल मना है।’



