बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ मिल गया है। रांची की सीबीआई अदालत ने तीन दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा दी। प्रत्येक दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। यह फैसला न्याय की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई। दोषियों में मो. असलम अंसारी, मो. कैफ और मो. गुरफान शामिल हैं। इससे पहले अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था। दो अन्य आरोपियों को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया। एक आरोपी घटना के बाद से फरार है। नाबालिग आरोपी का मामला अभी लंबित है।
सीबीआई ने मामले में प्रभावी जांच की। पंद्रह गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज हुई। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच शुरू हुई थी। घटना 6 फरवरी 2022 को हुई थी। विसर्जन जुलूस के दौरान युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 27 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अदालत का फैसला नजीर के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला समाज को कड़ा संदेश देता है।



