संत जोसेफ कॉलेज खूंटी ने सूचना अधिकार विवाद को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दिया है। कॉलेज ने सूचना आयुक्त के आदेश को चुनौती दी है। यह आदेश कॉलेज को प्रोफेसर को जानकारी देने से जुड़ा है। मामला लगभग नौ वर्षों से अदालतों में चल रहा है। कॉलेज ने लगातार सूचना देने से इनकार किया। उसका कहना है कि वह अल्पसंख्यक संस्था है। इसलिए आरटीआई उस पर लागू नहीं होता।
प्रोफेसर अक्षय कुमार राय ने आरटीआई कानून 2005 के तहत आवेदन दिया था। उन्होंने कॉलेज से वित्तीय दस्तावेज मांगे थे। इसमें ऑडिट रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र शामिल थे। गवर्निंग बॉडी की बैठक के रिकॉर्ड भी मांगे गए थे। सरकारी अनुदान से जुड़े कागजात भी मांगे गए। कॉलेज ने सभी सूचनाएं देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला सूचना आयोग पहुंचा।
सूचना आयोग ने सितंबर 2016 में कॉलेज के खिलाफ फैसला सुनाया। आयोग ने कॉलेज को सूचना देने का निर्देश दिया। कॉलेज ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मई 2024 में याचिका खारिज कर दी। एलपीए भी 2025 में खारिज हो गई। अदालत ने कहा कि कॉलेज को पर्याप्त सरकारी सहायता मिलती है। इसलिए वह आरटीआई के दायरे में है। अब सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित है।



