गुमला से लापता बच्ची के मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई। अदालत ने लापता बच्चों के मामलों में आधार कार्ड ट्रेसिंग की प्रक्रिया पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। पुलिस को आधार जानकारी के लिए कोर्ट आदेश की आवश्यकता होती है। इससे जांच प्रक्रिया में देरी होती है। हर पीड़ित परिवार अदालत नहीं आ सकता है।
हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को इस दिशा में एसओपी बनाने पर विचार करने को कहा। अदालत ने कहा कि पुलिस को यूआईडीएआई के निदेशक के पास आवेदन देना पड़ता है। कोर्ट आदेश के बिना आधार से जुड़ी जानकारी नहीं मिलती है। इससे लापता बच्चों की तलाश प्रभावित होती है। सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। अगली सुनवाई में सुझाव मांगे गए हैं।
कोर्ट को बताया गया कि 6 फरवरी को पुलिस ने आधार ट्रेस के लिए आवेदन दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। बच्ची की मां के साथ मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी ने रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी है। एसआईटी बच्ची की तलाश में जुटी हुई है। अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।


