बंगाल टाइगर ने छिपकर किया हमला, निपटाने ही वाला था कि हिरण उसे ‘मामू’ बनाकर निकल गया
बंगाल टाइगर की ताकत से दुनिया वाकिफ है। जी हां, यह खूंखार शिकारी अपने शिकार को एक बार दबोच ले तो छोड़ता नहीं है। पर भैया… कभी-कभार टाइगर के साथ भी खेल हो जाता है। सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो रहा है, जो पश्चिम बंगाल के सुंदरबन का है जिसमें एक टाइगर हिरण का शिकार करने की कोशिश करता है। पर भैया… अंत में हिरण उसे गच्चा दे जाता है। असल में, यह क्लिप ट्विटर यूजर @Plchakraborty ने पोस्ट किया था। उन्होंने कैप्शन में बताया – यह वीडियो पश्चिम बंगाल के सुंदरबन का है। इसमें हम रॉयल बंगाल टाइगर को एक हिरण का पीछा करते हुए देख सकते हैं। इस क्लिप को अनूप कयाल द्वारा मोबाइल से फिल्माया गया है, जो 24-परगना (Parganas) साउथ फॉरेस्ट डिवीजन के रामगंगा रेंज के चुलकठी कैंप के बनसहायक हैं।
इस वायरल वीडियो में हम देख सकते हैं कि एक बंगाल टाइगर झाड़ियों में घात लगाए बैठा है। उसके सामने हिरण का एक झुंड है। टाइगर झाड़ियों में इस कदर छिपा है कि हिरण उसे देख नहीं पाते। बाघ धीरे-धीरे उनकी तरफ बढ़ता है… पर एक हिरण की नजर उस पर पड़ जाती है जिसके बाद सभी शिकारी से बचने के लिए इधर उधर भागने लगते हैं। बाघ एक के पीछे दौड़ पड़ता है। वह हिरण पानी में घुस जाता है। टाइगर हार नहीं मानता और वह भी पानी में घुस जाता है। एक बार को ऐसा लगता है कि वह हिरण को दबोच लेगा। लेकिन यहां पर हिरण खेल जाता है। जी हां, वह पानी में एक डुबकी मारता है, और बाघ से थोड़ी दूर जाकर निकलता है। जबकि बाघ उसे खोजता नजर आता है। अंत में बाघ का चेहरा बताता है कि वह इससे कितना निराश हुआ।
जब हिरण का पीछा कर रह था बंगाल टाइगर
बंगाल टाइगर का ये वीडियो भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी सुशांत नंदा (@susantananda3) ने शेयर करते हुए लिखा – ओह! डियर डियर… सुंदरबन के बाघ मैंग्रोव (पानी की झाड़ियां/पेड़) इतने आदि हो चुके हैं कि वह इसके सहारे पानी में भी शिकार को दबोच लेते हैं। लेकिन यहां एक है जिसने बिग कैट (टाइगर) को चकमा दे दिया। अधिकारी के ट्वीट को सैकड़ों लाइक्स और वीडियो को हजारों व्यूज मिल चुके हैं। साथ ही, यूजर इस पर कमेंट भी कर रहे हैं। जहां कुछ ने लिखा कि हिरण ने तो गजब का खेल खेला। वहीं कुछ ने लिखा कि बेचारा टाइगर… इतनी मेहनत के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगा। वैसे इस मामले पर आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट में लिखिए।
मैंग्रोव यानी प्राकृतिक तटरक्षक। यह ऐसे पेड़-पौधे होते हैं, जो तटीय क्षेत्रों में खारे पानी में पाए जाते हैं। इसकी जड़ें अक्सर पानी के नीचे नमकीन तलछट में होती हैं। ये उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इन वनस्पतियों को तटीय वनस्पतियां अथवा कच्छीय वनस्पतियां भी कहा जाता है। ये वनस्पतियां समुद्र तटों पर, नदियों के मुहानों व ज्वार प्रभावित क्षेत्रों में पाई जाती हैं। विषुवत रेखा के आसपास के क्षेत्रों में जहां जलवायु गर्म तथा नम होती है, वहां मैंग्रोव वन की लगभग सभी प्रजातियां पाई जाती हैं।




