तुर्की में मिला 2600 साल पुराना शिलालेख: इस पर लिखा है माता देवी मटेरन का नाम.
तुर्की में मिले 2600 साल पुराने एक शिलालेख को पढ़ने में वैज्ञानिक सफल रहे हैं।
इस शिलालेख में एक देवी का नाम लिखा हुआ है, जिसका नाम है मटेरन। माना जाता है कि मटेरन एक बहुत ही सम्मानित देवी थीं और प्राचीन काल में लोग इनकी पूजा करते थे।
क्या है इस खोज का महत्व?
यह खोज इतिहासकारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हमें प्राचीन तुर्की के बारे में और जानकारी मिलती है। इस शिलालेख से पता चलता है कि तुर्की में इस्लाम आने से पहले लोग किस तरह के देवी-देवताओं की पूजा करते थे।
शिलालेख में क्या लिखा है?
शिलालेख में मटेरन देवी के बारे में कई बातें लिखी हुई हैं। माना जाता है कि मटेरन को ‘मां’ के रूप में जाना जाता था। न केवल तुर्की बल्कि दूसरी प्राचीन संस्कृतियां भी मटेरन का सम्मान करती थीं। यूनानी लोग उन्हें देवताओं की माता के रूप में जानते थे। रोमन उन्हें मैग्ना मेटर या महान माता कहते थे।
कहां मिला यह शिलालेख?
यह शिलालेख तुर्की के एक पुराने स्मारक पर मिला है। इस स्मारक पर शेरों और स्फिंक्स की छवियां भी उकेरी गई हैं।
क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण?
यह खोज हमें प्राचीन तुर्की के धर्म और संस्कृति के बारे में बहुत कुछ बताती है। यह हमें यह समझने में मदद करती है कि तुर्की के लोग सदियों पहले किस तरह से जीते थे और किस चीज में विश्वास करते थे।



