लातेहार में 9 अगस्त को आयोजित होने वाले झारखंड आदिवासी महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ने की। इस दौरान कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिलेगी। प्रशासन ने कार्यक्रम को भव्य और आकर्षक बनाने पर जोर दिया। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से प्रत्येक व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया। बैठक में आयोजन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन शहर के टाउन हॉल में किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजन स्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलेगी। प्रसिद्ध छऊ नृत्य का मंचन किया जाएगा। ट्राइबल फैशन शो भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।
बैठक में सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि आयोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विभाग को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करना होगा। कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साफ-सफाई और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। अधिकारियों को नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन ने लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। प्रशासन ने विश्वास जताया कि झारखंड आदिवासी महोत्सव का जिला स्तरीय आयोजन सफल और यादगार रहेगा।



