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कर्मकांड कराने घर पहुंचे देवेश, फफकते हुए बोला- सब कुछ खत्म हो गया

देवरिया जिले के फतेहपुर गांव में हुई हिंसा में मारे गए सत्य प्रकाश दुबे के बेटे देवेश गुरूवार को एकादशा और नारायण बलि पूजा करने अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही वह फफक कर रो पड़े। घर के अंदर थोड़ी देर रूकने के बाद देवेश बगीचे में पहुंचे। इसी बीच उनकी नजर अपने ट्रैक्टर की तरफ पड़ी तो देवेश की सिसकियां तेज़ हो गईं।

देवेश रोते हुए बोले मेरा सब कुछ खत्म हो गया। लोगों के समझाने के बाद वह घर के बगल स्थित बागीचे में पहुंचे। जहां पर उन्होंने एकादशा का कर्मकांड संपन्न कराया। उनके घर के बगल में स्थित बागीचे में ही एकादशा के लिए तैयारी की गई थी।

2 अक्टूबर को जमीनी विवाद में हुई थी 6 हत्या

देवरिया जिले के फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोला में बीते 2 अक्टूबर को जमीनी विवाद में 6 लोगों की हत्या हो गई। गांव के सत्य प्रकाश दुबे के दरवाजे पर पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या हुई। उसके प्रतिशोध में उमड़ी भीड़ ने सत्य प्रकाश दुबे उनकी पत्नी दो बेटियों व एक बेटे समेत पांच लोगों की हत्या कर दी। इस नरसंहार में सत्य प्रकाश का एक बेटा मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहा है। जबकि एक अन्य बेटा देवेश जिन्दा बचा है। गुरुवार को मरने वालों का एकादशा था और शुक्रवार को ब्रह्म भोज है।

देवेश ने सरकार से मांगा नौकरी और आवास

इस मौके पर देवेश ने कहा कि पंचक शांति के लिए अपने गांव एकाद्शा और नारायण बलि की पूजा करने आया हूं। मेरे ऊपर भी खतरा है। लेकिन अब मुझे यहां रहना पड़ेगा। मुझे सरकारी आवास और नौकरी चाहिए। मेरे माता-पिता भाई-बहन सब चले गए। कोई रोने वाला नहीं बचा है।

देवेश ने कहा कि उन लोगों के पास तो उनका पूरा परिवार है। उनके रिश्तेदार हैं, मगर मेरे तो वह भी नहीं है। मैं किसको अपना आंसू दिखाऊंगा। जब तक मेरी और मेरे बहन की नौकरी नहीं लग जाती या स्टांप पेपर पर दस्तखत करके नहीं मिल जाता, तब तक मैं ब्राह्मण भोजन नहीं कराऊंगा। मेरी प्रॉपर्टी भी मुझे वापस दिलाई जाय। देवेश ने कहा कि आरोपियों का घर गिरे और उन्हें फांसी की सजा हो।

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