48 साल बाद फिर हॉकी विश्व कप जीतने का टूटा सपना भारत का, ये रहे टीम इंडिया की हार के पांच कारण

भारतीय हॉकी टीम का एक बार फिर से 48 साल बाद वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूटा गया. भुनेश्वर में खेले गए मैच मैं 22 जनवरी को भारत को क्रॉसओवर मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से हरा दिया. यह मुकाबला भारत के लिए करो या मरो वाला था. टीम इंडिया इस हार के बाद हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हो गए. इसमें पहले निर्धारित समय में दोनों टीमें 33 की बराबरी पर रही. लेकिन पेनल्टी शूटआउट में भारत की टीम न्यूजीलैंड से पीछे रह गया. हॉकी रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन न्यूजीलैंड के खिलाफ काफी शर्मनाक रहा. यही वजह रही कि पहले हाफ में भारत ने 2-0 की बढ़त लेने के बाद न्यूजीलैंड के को मैच में वापसी करने का मौका दिया. उन पांच कारणों के बारे में आपको बताते हैं जिनकी वजह से भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार मिली.
भारत आक्रामक शुरुआत करने के बाद मैच में लय बरकरार नहीं रख पाया. पहले दोनों टीमें क्वार्टर में गोल रहित बराबरी पर रही. भारतीय टीम दूसरे क्वार्टर में तेजी दिखाई और 17 मिनट में ललित उपाध्याय ने गोल मारकर टीम इंडिया को बढ़त दिलाई. वही सुखजीत सिंह ने 24 मिनट में गोल कर भारत के बढ़त और मजबूत किया. इस दौरान न्यूजीलैंड ने भी अपना आक्रमण तेज किया और 28वे मिनट में सैमलेन ने गोल कर भारत की बढ़त को कम कर दिया.



