राज्यपाल द्वारा परीक्षा में अनियमितताओं की जांच के आदेश देने के बावजूद, आयोग ने परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी कर दी है। इस फैसले से छात्रों में भारी रोष है और उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
क्या है मामला?
झारखंड सीजीएल परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हुए थे और कुछ केंद्रों पर नकल कराई गई थी। इन आरोपों के मद्देनजर, राज्यपाल ने आयोग को परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। लेकिन आयोग ने जांच पूरी होने से पहले ही उत्तर कुंजी जारी कर दी, जिससे छात्रों में असंतोष फैल गया है।
छात्रों का विरोध
छात्रों का मानना है कि उत्तर कुंजी जारी करके आयोग जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग के अधिकारी परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। छात्रों ने मांग की है कि उत्तर कुंजी को रद्द किया जाए और परीक्षा को फिर से आयोजित किया जाए।
आगे क्या होगा?
छात्रों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। वे आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतर सकते हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं। इस मामले में राज्य सरकार और आयोग को अब छात्रों के विरोध को शांत करना होगा और एक समाधान निकालना होगा।
निष्कर्ष
झारखंड सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली का मामला राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मामले से न केवल छात्रों का भविष्य बल्कि राज्य सरकार की साख भी दांव पर लगी हुई है।


