छत्तीसगढ़ के जंगल से आये हाथियों के झुंड ने गुमला के जारी में मचाया उत्पात, धान की फसलों को किया बर्बाद

छत्तीसगढ़ के जंगल से निकलकर गुमला के जारी में हाथियों के झुंड ने खेतों में लगी धान की फसल को बर्बाद किया है. इन दिनों ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं. हाथियों के उत्पात के बावजूद वन विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है.
Jharkhand News: भोजन की तलाश में इनदिनों हाथियों का झुंड जंगल छोड़ गांव की ओर रूख करना शुरू कर दिया है. छत्तीसगढ़ राज्य के जंगल से एक दर्जन से अधिक जंगली हाथियों ने झारखंड बॉर्डर के गुमला के जारी प्रखंड स्थित आंवराटोली, बिरकेरा, चिरोडीह, कटिम्बा, बंझर आदि गांवों में प्रवेश कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया है. हाथियों ने दर्जनों किसानों के धान की फसल को बर्बाद कर दिया.
छत्तीसगढ़ की ओर से 15 की संख्या में आया हाथियों का झुंड
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ की ओर से 10 से 15 की संख्या में झारखंड बोर्डर होते हुए उक्त गांवों में रात 12 बजे प्रवेश किया. सबसे पहले जंगली हाथी आंवराटोली के किसान मोहन बेक, वरदान बेक, सुशील लकड़ा, मैतन बेक, संतन खेरवार के खेतों में लगी धान की फसल को खाकर और रौंदकर बर्बाद कर दिया. वहीं, जंगली हाथी आंवराटोली से होते हुए बिरकेरा के एनोस बेक के खेत में लगी फसल को बर्बाद कर दिया.
किसानों ने हाथी को भगाने और मुआवजे की मांग की
मेराल पंचायत के बंझर गांव के पांच किसान जहिंद्र साय, प्रसन्न साय, कोर्नेलियुस लकड़ा, धनमान साय तथा दिलीप टोप्पो के धान की फसल को बर्बाद कर दिया. ग्रामीणों ने बताया कि जंगली हाथी 10-15 की संख्या में मौजूद है. हाथी जिस ओर जा रहा है उस ओर पूरे धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि अगर जंगली हाथी को वन विभाग द्वारा नहीं भगाया गया, तो हम गरीब किसान बर्बाद हो जायेंगे. धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है. किसानों ने कहा कि इस समय जंगली हाथी धान को खाकर एवं रौंदकर बर्बाद कर देगा, तो हम गरीब किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जायेगी. ग्रामीण किसान वन विभाग से हाथी को भगाने एवं मुआवजे की मांग की है.
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