बैठक में विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग का उद्देश्य केवल सड़क और भवन निर्माण नहीं बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और यातायात व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने शहरी परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मंत्री Sudivya Kumar भी उपस्थित रहे। अधिकारियों को डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार शहरी विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने शहरों की नदियों, डैम, तालाब और अन्य जलस्रोतों पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जलस्रोत क्षेत्रों में बने अवैध निर्माणों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे निर्माणों की पहचान कर नोटिस जारी करने और जरूरत पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि जलस्रोत क्षेत्रों पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं करें। बैठक में राजधानी Ranchi स्थित कांके डैम के संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने डैम क्षेत्र में गिरने वाले नालों को बंद कराने और कैचमेंट एरिया की घेराबंदी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डैम का पानी स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने शहर के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर जोर दिया। बरसात से पहले जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। नगर निकाय क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ने चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट से पारित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बड़ी सोसाइटी, होटल और अपार्टमेंट क्षेत्रों में भी वाटर वेस्ट मैनेजमेंट लागू करने के निर्देश दिए गए। लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के लिए जागरूक करने पर भी बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने झिरी स्थित लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा उत्पादन भी संभव होगा। सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कर उन्हें सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से साहिबगंज, धनबाद और राजमहल के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की समीक्षा भी की। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे। राज्य सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक शहरों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।



