रांची में झारखंड हाईकोर्ट में संवैधानिक पदों की नियुक्ति पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट को अहम जानकारी दी। सरकार ने कहा कि लोकायुक्त की अनुशंसा जल्द भेजी जाएगी। एक सप्ताह के भीतर नाम राज्यपाल को भेजे जाएंगे। सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता में हुई। जस्टिस राजेश शंकर भी बेंच में शामिल थे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल तय की। यह मामला लंबे समय से लंबित नियुक्तियों से जुड़ा है। कई संस्थाओं में पद खाली हैं। इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सरकार ने बताया कि सूचना आयुक्तों के कुछ नाम भेजे गए थे। राज्यपाल ने कुछ नामों पर आपत्ति जताई है। सरकार इन नामों पर पुनर्विचार कर रही है। अदालत ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ताओं ने देरी पर चिंता जताई थी। उनका कहना है कि कई पद वर्षों से खाली हैं। इससे पारदर्शिता और कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जल्द नियुक्ति की मांग की। अदालत ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा था। अब सरकार ने प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है।
यह सुनवाई जनहित याचिका और अवमानना याचिका पर हुई। राजकुमार ने अवमानना याचिका दायर की है। इसमें सूचना आयोग की नियुक्तियों का मुद्दा उठाया गया है। राज्य के 12 संस्थानों में पद रिक्त बताए गए हैं। इनमें लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग शामिल हैं। सरकार ने कहा कि सभी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही रिक्त पद भरे जाएंगे। अदालत ने इस पर निगरानी जारी रखी है। अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट पेश होगी। मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।


