रांची में झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को जेलों में बंद कैदियों की रिहाई से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका उन कैदियों को लेकर दाखिल की गई है जिन्होंने अपनी आधी या एक तिहाई सजा पूरी कर ली है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया और कैदियों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए गए। अदालत ने कहा कि यह विषय सीधे मानवाधिकार और न्याय से जुड़ा हुआ है।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पात्र कैदियों का विवरण प्रार्थी को सॉफ्ट कॉपी के रूप में दिया जाए। अदालत ने कहा कि आंकड़ों का अध्ययन जरूरी है। इसके बाद प्रार्थी को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से अधिवक्ता शहाबुद्दीन ने पक्ष रखा।
याचिका स्टेन स्वामी एवं अन्य की ओर से दाखिल की गई है। इससे पहले कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में सजा पुनरीक्षण बोर्ड को मामलों पर विचार करने को कहा था। अदालत ने कहा कि मामलों की नियमित समीक्षा जरूरी है। कोर्ट ने सरकार से जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई की उम्मीद जताई। इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की गई है।



