धनबाद स्टेशन पर गुरुवार की सुबह उम्मीद से ज्यादा भावनात्मक बन गई। ट्रेन की एक बोगी में सात कछुए पड़े मिले, जैसे उन्हें कहीं ले जाकर छोड़ दिया गया हो। उनकी धीमी सांसें और शांत आंखें बता रही थीं कि वे सफर से थक चुके थे।
RPF ने उन्हें बड़े ध्यान से उठाया और सुरक्षित स्थान पर रखा। वन विभाग ने आते ही उन्हें देखभाल में ले लिया। अधिकारी कहते हैं कि तस्करी के मामलों में जानवर अक्सर ऐसी हालत में मिलते हैं।
कछुओं के इस बचाव ने लोगों का ध्यान वन्यजीव सुरक्षा की ओर खींचा है। शहर में चर्चा है कि आखिर ये कछुए यहां कैसे पहुंचे। तस्करी की भयावहता को यह घटना एक बार फिर सामने लाती है।



