रांची से वाराणसी तक फैले अवैध कफ सिरप सप्लाई नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया कि कोडीन फॉस्फेटयुक्त कफ सिरप की करोड़ों की खेप लगातार भेजी जा रही थी। वाराणसी पुलिस ने इस अवैध कारोबार के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद झारखंड में भी कार्रवाई तेज की गई। रांची में ड्रग विभाग ने कई थोक विक्रेताओं की सूची तैयार की है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि रांची शहर से इस काले कारोबार को विशेष रूप से संचालित किया जाता था। अवैध नेटवर्क के कई लिंक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े पाए गए हैं।
शनिवार की शाम रांची के कोतवाली थाना में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने 28 लोगों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दी। इन सभी पर अवैध कफ सिरप बिक्री और सप्लाई का आरोप है। तुपुदाना क्षेत्र की शैली ट्रेडर्स भी इसमें शामिल बताई गई। शैली ट्रेडर्स के मालिक पर अवैध रूप से फेंसेडाइल बेचने का गंभीर आरोप है। जांच टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। कई संदिग्ध धरपकड़ की प्रक्रिया में हैं।
फेंसेडाइल कफ सिरप को नशे के रूप में उपयोग किया जाता है। जांच में पाया गया कि एक खेप में सामान्य मात्रा से कई गुना अधिक कोडीन मिला हुआ था। धनबाद में पकड़ी गई खेप में कोडीन की मात्रा 4.912 किलो तक पाई गई। यह मात्रा जानलेवा मानी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इतनी मात्रा में कोडीन का असर हेरोइन जैसा होता है। पुलिस ने कहा है कि यह सिर्फ अवैध व्यापार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। पूरे मामले में कई और नाम जुड़ सकते हैं। ड्रग विभाग इसे राज्य का बड़ा साइकोट्रॉपिक ड्रग रैकेट मान रहा है।



