घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में झामुमो ने बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार जेएमएम प्रत्याशी सोमेश सोरेन विजयी घोषित हुए। उन्हें 1,04,794 वोट मिले।
भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को केवल 66,270 वोट ही मिले। इस तरह झामुमो ने 38,524 वोटों से शानदार जीत दर्ज की। तीसरे स्थान पर JLKM के प्रत्याशी रहे, जिन्हें 11,542 वोट मिले।
शुरुआती गिनती से ही झामुमो आगे था। प्रथम राउंड में ही सोमेश सोरेन ने बढ़त बना ली। भाजपा तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी।
10वें राउंड तक झामुमो 20,807 वोटों के अंतर से आगे था। उस समय जेएमएम को 53,096 वोट मिले थे। भाजपा को सिर्फ 32,289 वोट मिले।
JLKM प्रत्याशी रामदास मुर्मू को शुरुआती राउंड में भी कम वोट मिले। सातवें राउंड तक झामुमो की पकड़ और मजबूत हुई।
सातवें राउंड में सोमेश सोरेन 32,898 वोटों के साथ पहले स्थान पर थे। भाजपा 25,136 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
18वें राउंड में अंतर बढ़कर 34,648 वोट पर पहुंच गया। इस दौरान जेएमएम को 94,351 वोट मिले थे। भाजपा को सिर्फ 59,703 वोट मिले।
अंतिम राउंड में यह अंतर और अधिक हो गया। जीत का फासला 38,524 वोट पर स्थिर हुआ।
मतगणना केंद्र के बाहर झामुमो समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें भाजपा और जेएमएम के प्रमुख उम्मीदवारों के साथ 8 निर्दलीय भी शामिल थे।
एक प्रत्याशी पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया से था। एक उम्मीदवार भारत आदिवासी पार्टी से भी चुनाव लड़ रहे थे।
इस चुनाव को सोरेन बनाम सोरेन की लड़ाई भी कहा गया।
राजनीतिक विश्लेषकों ने इस जीत को झारखंड के जनमत का प्रतिबिंब बताया है। झामुमो नेताओं ने इसे जनता का आशीर्वाद कहा।
भाजपा नेताओं ने हार की समीक्षा करने की बात कही है। स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय समीकरणों की भी चर्चा की गई।
घाटशिला सीट झारखंड राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती रही है।



