लातेहार में अनुमति बिना साइडिंग निर्माण पर सीसीएल अधिकारियों पर कार्रवाई.
वन अधिनियम उल्लंघन के आरोप में दर्ज हुई गंभीर प्राथमिकी शनिवार Latehar.
लातेहार में प्रशासन की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। डीसी के निर्देश के बाद बालूमाथ सीओ ने त्वरित कदम उठाया है। उन्होंने थाने में सीसीएल के दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। यह मामला वन अधिनियम 1980 के उल्लंघन से जुड़ा हुआ बताया गया है। आरोप है कि आरा गांव के पास बिना अनुमति साइडिंग निर्माण हो रहा था। यह निर्माण लगभग 6.95 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैलाया गया था। यह क्षेत्र जंगल और झाड़ी वाली जमीन के रूप में दर्ज है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति कार्य करना गंभीर अपराध माना जाता है। वन प्रमंडल पदाधिकारी ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमति अनिवार्य थी।
उधर, सीओ बालेश्वर राम ने आवेदन में घटनाक्रम का पूरा विवरण दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें डीसी और वन विभाग से लिखित आदेश मिले थे। आदेश में कहा गया था कि जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि नियमों की अनदेखी हुई है। इस कारण तत्काल प्राथमिकी दर्ज करना आवश्यक है। सीओ ने यह भी बताया कि इस निर्माण से पर्यावरणीय नुकसान की संभावना है। मामले में पीओ सदाला सत्यनारायण और जीएम चितरंजन कुमार दोनों को आरोपी बनाया गया है। अधिकारियों पर यह आरोप गंभीर स्तर का माना जा रहा है। पुलिस को आवेदन मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले की कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी संख्या 127/2025 दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच तकनीकी और दस्तावेजी आधार पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि निर्माण के पीछे की प्रक्रिया और अनुमति से जुड़े दस्तावेज खंगाले जाएंगे। यदि अवैध निर्माण की पुष्टि हुई तो कार्रवाई सख्त होगी। प्रशासन का दावा है कि वन क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के निर्माण से पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए इसे लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। फिलहाल दोनों अधिकारी पुलिस जांच के घेरे में हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे और भी कदम उठाए जा सकते हैं।



