‘भूख का घोड़ा’ श्रीनगर राजभवन पहुँचा, रोजी-रोटी की गुहार.
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: 'भूख का घोड़ा' नाम का एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन श्रीनगर के राजभवन तक पहुँच गया है।
यह प्रदर्शन 6,000 से अधिक पोनी-वालों की दुर्दशा को उजागर करता है, जिनकी आजीविका संकट में है। ये लोग जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए घोड़े की सवारी का काम करते हैं।
पोनी-वालों का कहना है कि प्रशासन और सरकार की नीतियों के कारण उनका जीवन मुश्किल हो गया है। पर्यटक सीजन के दौरान भी उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं कर पा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर खींचना है ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित हो सके।
यह संकट न केवल इन परिवारों के लिए है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और पोनी-वालों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनकी मांगें पूरी होने पर ही ‘भूख का घोड़ा’ वापस अपने अस्तबल में जा पाएगा।



