‘तेजबहादुर हमें मंजूर नहीं’ बीजेपी की लिस्ट के बाद नागदा में बगावत, 16 पार्षदों ने उज्जैन पहुंच दिया इस्तीफा
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं में विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने से उत्साह नहीं है, बल्कि उनकी बातचीत मायूसी जाहिर करने वाली है। बीजेपी की दूसरी सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को उम्मीदवार बनाया गया है, वहीं राष्ट्रीय महासचिव भी मैदान में उतार दिए गए हैं। उम्मीदवारी तय होने के बाद कुछ नेताओं के ऐसे बयान आए हैं जो यह जाहिर करने के लिए काफी हैं कि उनकी इच्छा विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं थी, मगर पार्टी का निर्देश है और वह उसका पालन करेंगे। इस बीच नागदा खाचरौद विधानसभा में पार्टी के अंदर बगावत शुरू हो गई है।
तेजबहादुर को टिकट मिलने पर बगावत
नागदा खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी में ‘बगावत’ की वजह तेजबहादुर सिंह को टिकट मिलना है। तेजबहादुर के विरोध में उज्जैन के 16 पार्षद उतर आए हैं। बुधवार को बीजेपी के 22 में से 16 पार्षद उज्जैन बीजेपी कार्यालय पहुंचे और सदस्यता से त्यागपत्र दिया। सभी 16 पार्षदों ने कहा- ‘तेजबहादुर हमें मंजूर नहीं। उनकी उम्मीदवारी पर फिर से विचार किया जाए। हो सके तो उनकी जगह बीजेपी किसी और को प्रत्याशी बनाएं।’ बता दें, इन सभी 16 पार्षदों को पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत का समर्थक माना जाता है।
बगावत के सुर उज्जैन जिला कार्यालय तक पहुंचे
बुधवार को बगावत के यह सुर उज्जैन जिला कार्यालय तक आ गए। नागदा जंक्शन नगल पालिका में बीजेपी के 22 में से 16 पार्षद बीजेपी कार्यालय पर आए और जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडला को त्यागपत्र सौंपा। आक्रोश जताते हुए टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर 3 दिन में तेजबहादुर के टिकट पर फिर से विचार नहीं किया गया तो विरोध और तेज किया जाएगा। फिर अन्य पदाधिकारी भी चरणबद्ध तरीके से त्यागपत्र देंगे।




