हरियाणा के करनाल के छात्रों ने एक अद्भुत पहल की है। उन्होंने अपनी छुट्टियों का उपयोग आराम करने के बजाय सीखने और नवाचार में किया, और इस दौरान चंद्रयान-3 का एक प्रभावशाली और विस्तृत मॉडल तैयार किया है। यह छात्रों की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों के प्रति उनके गहरे लगाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
छात्रों ने बड़ी मेहनत और लगन से इस चंद्रयान-3 रेप्लिका को बनाया है, जिसमें लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के प्रमुख तत्वों को बारीकी से दर्शाया गया है। [यदि स्कूल या कॉलेज का नाम उपलब्ध हो, तो जोड़ें: ‘करनाल के (स्कूल/कॉलेज का नाम) के इन छात्रों ने’] इस परियोजना पर कई दिनों तक काम किया, विभिन्न सामग्रियों का उपयोग किया और ISRO के मूल डिजाइन का गहनता से अध्ययन किया। उनका यह प्रयास युवा पीढ़ी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति बढ़ती रुचि को साफ तौर पर दर्शाता है।
छात्रों द्वारा बनाया गया यह मॉडल न केवल एक कलाकृति है, बल्कि यह अन्य युवाओं को भी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ नया करने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगा। यह दर्शाता है कि कैसे राष्ट्रीय उपलब्धियां बच्चों में जिज्ञासा और सीखने की ललक पैदा कर सकती हैं। स्थानीय समुदाय और स्कूल/कॉलेज प्रबंधन ने भी छात्रों के इस सराहनीय प्रयास की भरपूर सराहना की है। उम्मीद है कि ऐसे प्रयास देश में भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्वेषकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



