इस घटना के चलते यूरोप के सबसे व्यस्त यात्रा केंद्र पर सैकड़ों हजारों यात्रियों की उड़ानें बाधित हो गईं। फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा ‘फ्लाइटरडार 24’ के अनुसार, हीथ्रो से आने-जाने वाली करीब 1,350 उड़ानें प्रभावित हुईं। इसका असर आने वाले कई दिनों तक बना रह सकता है, क्योंकि यात्री अपनी यात्रा को फिर से तय करने का प्रयास कर रहे हैं। जब हीथ्रो को बंद करने की घोषणा हुई, उस समय लगभग 120 उड़ानें हवा में थीं। कुछ उड़ानों को वापस मोड़ा गया, जबकि कुछ को लंदन के गेटविक एयरपोर्ट, पेरिस के चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट या आयरलैंड के शैनन एयरपोर्ट पर मोड़ा गया। न्यूयॉर्क के जॉन एफ. केनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन जा रहे लॉरेंस हेज़ की फ्लाइट को तीन-चौथाई रास्ते में ही ग्लासगो की ओर मोड़ दिया गया। यात्रियों को इस अचानक हुए व्यवधान से काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। हजारों लोग अपनी यात्रा दोबारा तय करने के लिए एयरपोर्ट पर लंबी कतार में खड़े नजर आए। हीथ्रो एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने और एयरलाइन कंपनियों से संपर्क करने की अपील की है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है और बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने यूरोप के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रभावित यात्रियों को अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। हीथ्रो एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेवाएं स्थगित करने का फैसला किया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटना से एयरपोर्ट को सामान्य स्थिति में लौटने में कुछ दिन लग सकते हैं। हीथ्रो एयरपोर्ट पर इस तरह का बड़ा व्यवधान यात्रियों के लिए काफी चिंता का विषय बन गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से स्थिति की पुष्टि कर लें। अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही उड़ानों का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।


