नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नागपुर में हुई झड़पों को कांग्रेस ने सोमवार को “बेहद चिंताजनक” बताया और कहा कि इससे केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ विचारधारा का असली चेहरा उजागर होता है।
रविवार शाम नागपुर के सेंट्रल इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। अफवाहें फैली थीं कि एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के दौरान मुस्लिम समुदाय की पवित्र पुस्तक को जलाया गया।
इस घटना के बाद शहर के कई हिस्सों में पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चितनिस पार्क और महल इलाकों में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा देर दोपहर को कोतवाली और गणेशपेठ क्षेत्रों तक फैल गई थी।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि नागपुर में हुई “दंगों” की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि यह घटनाएं दिखाती हैं कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की विचारधारा समाज में विभाजन पैदा करने वाली है।
कांग्रेस ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि सरकार को तत्काल स्थिति पर नियंत्रण करना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस ने अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


