EducationStates

19 साल की राजेश्वरी का जीवन एक प्रेरणा का स्रोत है।

जब वह सिर्फ 13 महीने की थीं, तब उनके माता-पिता ने उन्हें छोड़ दिया था।

लेकिन किस्मत ने उन्हें नागा साधु महादेव भारती के रूप में एक नया परिवार दिया। महादेव भारती ने सड़क किनारे से राजेश्वरी को उठाया और अपनी बेटी की तरह पाला।

राजेश्वरी जन्म से ही विकलांग हैं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। नागा साधु के मार्गदर्शन में उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और अब उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। राजेश्वरी का कहना है कि उन्होंने महादेव भारती को अपना पिता माना है और उनके सपनों को पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही हैं।

राजेश्वरी की कहानी पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बन गई है। लोग उनकी हिम्मत और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button