शिमला: मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में पुलिस चौकियों को जनसंख्या, भौगोलिक स्थितियों और ग्रामीण-शहरी विभाजन के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि कार्यकुशलता बढ़े और सार्वजनिक सेवाएं बेहतर हो सकें।
पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में सुक्खू ने कहा कि पंजीकृत पुलिस चौकियां अब क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के माध्यम से FIR दर्ज करने के लिए अधिकृत होंगी। इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और पुलिस काम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए खाली पदों को भरने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। 1,226 पुलिस कांस्टेबल, 30 सब-इंस्पेक्टर और 700 होम गार्ड के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पाने के लिए एंटी-ड्रग एक्ट भी तैयार किया जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि पुलिस सेवा और कार्यकुशलता को और बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने की जरूरत है। इसके अलावा, पुलिस विभाग में एक डेटा वेयरहाउस और क्लियरिंग एजेंसी स्थापित की जाएगी, जिससे विभिन्न एजेंसियों से डेटा संग्रहण, विश्लेषण और निर्णय लेने में मदद मिलेगी।


