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गाज़ियाबाद: राहुल गांधी को संभल जाने से रोका गया, पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप.
गाज़ियाबाद: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बुधवार को गाज़ियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने संभल जाने से रोक दिया। राहुल ने कहा कि वह पुलिस के साथ अकेले जाने को भी तैयार थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
मुख्य बिंदु:
- राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबह गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे।
- वहां पुलिस ने भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के साथ उन्हें संभल जाने से रोक दिया।
- राहुल गांधी ने कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर मेरा अधिकार है कि मैं वहां जाऊं।”
- उन्होंने कहा, “मैं अकेले जाने को तैयार था, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।”
- राहुल ने संविधान की प्रति दिखाते हुए पुलिस के निर्णय को अलोकतांत्रिक बताया।
- प्रियंका गांधी ने कहा, “राहुल जी को संविधान के तहत पीड़ितों से मिलने का अधिकार है। उन्हें रोका नहीं जा सकता।”
- संभल में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश 31 दिसंबर तक बढ़ा दिए गए हैं।
- संभल जिला मजिस्ट्रेट ने पड़ोसी जिलों को पत्र लिखकर राहुल गांधी को सीमा पर ही रोकने का निर्देश दिया।
- गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर ने कहा, “प्रशासनिक आदेश के चलते राहुल गांधी को संभल जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
- 19 नवंबर को संभल में एक मुगलकालीन मस्जिद का सर्वे हुआ था, जिससे तनाव बढ़ गया।
- 24 नवंबर को हुए दूसरे सर्वे के दौरान हिंसा हुई, जिसमें चार लोगों की मौत और कई घायल हुए।
- प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें शाही जामा मस्जिद के पास हुईं।
- पुलिस ने संभल में सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
- राहुल गांधी ने कहा, “यह भारत है, जहां संविधान को खत्म करने की कोशिश हो रही है, लेकिन हम लड़ाई जारी रखेंगे।”
- प्रियंका गांधी ने हिंसा की निंदा की और प्रशासन से पारदर्शिता की मांग की।
- पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी को रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है।
- कांग्रेस नेताओं ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
- राहुल ने कहा कि यह आम जनता की आवाज दबाने का प्रयास है।
- कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
- संभल के प्रशासन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कदम जरूरी थे।



