Apple का नया फीचर चोरों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
Apple ने अपने नवीनतम iOS 18.1 अपडेट में एक नया फीचर पेश किया है जिसे 'इनएक्टिविटी रिबूट' कहा जाता है।
यह फीचर डिवाइस को एक निश्चित समय तक निष्क्रिय रहने के बाद स्वचालित रूप से रीबूट कर देता है। हालांकि, यह फीचर आम उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षा उपाय के रूप में उपयोगी हो सकता है, लेकिन यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक चुनौती भी पेश कर सकता है।
जब कोई डिवाइस चोरी हो जाता है या जब्त किया जाता है, तो जांचकर्ता आमतौर पर डिवाइस को बंद करके डेटा को सुरक्षित रखते हैं। लेकिन, नए ‘इनएक्टिविटी रिबूट’ फीचर के कारण, जब्त किए गए डिवाइस स्वचालित रूप से रीबूट हो सकते हैं, जिससे डेटा मिट सकता है या एन्क्रिप्ट हो सकता है।
इसका क्या मतलब है:
- चोरों के लिए मुश्किल: चोरों के लिए डिवाइस से डेटा निकालना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि डिवाइस स्वचालित रूप से रीबूट हो जाएगा।
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती: जांचकर्ताओं के लिए डिवाइस से डेटा निकालना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि डिवाइस स्वचालित रूप से रीबूट हो जाएगा।
- गोपनीयता बनाम सुरक्षा: यह फीचर उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को बढ़ाता है लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती भी पेश करता है।
विवाद:
यह फीचर गोपनीयता और सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश करता है, लेकिन यह विवाद का विषय भी बन सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि यह फीचर अपराधियों को बचाने में मदद करेगा, जबकि अन्य लोग मानते हैं कि यह उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।
निष्कर्ष:
Apple का नया ‘इनएक्टिविटी रिबूट’ फीचर एक महत्वपूर्ण विकास है जो गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दों को उठाता है। यह फीचर चोरों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों दोनों के लिए चुनौतियां पेश करता है।



