Jharkhand

मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दो वर्षों में 5,77,426 नए वृद्ध लाभुक जुड़े

रांची: राज्य पेंशन योजना के तहत दो वर्षों में लाभुकों की संख्या 6,60,871 से बढ़कर 14,34,314 हो गई है। मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना में 5,77,426 नए वृद्ध लाभुक जुड़े हैं। 31 दिसंबर 2019 तक इस योजना से 3,45,168 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे थे, जो 28 अप्रैल 2022 तक बढ़कर 9,22,594 हो गए। इस दौरान 5,77,426 नए वृद्धजन योजना का लाभ प्राप्त करने लगे। इसी तरह, स्वामी विवेकानंद निःशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना में 31 दिसंबर 2019 तक 87,796 निःशक्त लाभुक शामिल थे, जो 28 अप्रैल 2022 तक बढ़कर 1,87,876 हो गए। इस योजना के तहत अप्रैल 2022 तक 1,00,080 नए लाभुक जोड़े गए।

मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना का लाभ 31 दिसंबर 2019 तक 1,72,196 लाभुकों को मिल रहा था, जो 28 अप्रैल 2022 तक बढ़कर 2,57,434 हो गया। इस योजना में 85,238 नए सुपात्र लाभुक जुड़े। मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना का लाभ 31 दिसंबर 2019 तक 52,336 लाभुक ले रहे थे, जो अप्रैल 2022 तक बढ़कर 62,161 हो गए, जिसमें 9,825 नए लाभार्थी शामिल हुए। मुख्यमंत्री राज्य HIV/AIDS पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना में दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक 874 नए लाभुक जुड़े, जिससे इनकी संख्या 3,375 से बढ़कर 4,249 हो गई।

अधिकार और सम्मान प्राप्त

‘आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 2,89,903, मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना के 64,986, दिव्यांग पेंशन के 18,782, मुख्यमंत्री राज्य HIV/AIDS पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना के 135 और मुख्यमंत्री आदिम जनजाति पेंशन योजना के 4,057 आवेदनों का निष्पादन किया गया। 16 नवंबर 2021 से अब तक वृद्धावस्था पेंशन के 2,90,837, विधवा पेंशन के 71,506, दिव्यांग पेंशन के 25,003, मुख्यमंत्री राज्य HIV/AIDS पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना के 392 और मुख्यमंत्री आदिम जनजाति पेंशन योजना के 4,057 आवेदनों को NSAP-PPS पोर्टल पर स्वीकृत किया गया।

दिव्यांग प्रमाण पत्र हेतु विशेष अभियान

दिव्यांगता प्रमाण पत्र के धारक लगभग 2.15 लाख योग्य दिव्यांगजनों को राज्य और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता पेंशन योजना से अंतर्गत दिव्यांगता पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। अनुमान के अनुसार लगभग 2.75 लाख दिव्यांगजनों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है। इन्हें लक्षित कर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 1 मार्च 2022 से कैंप लगाकर दिव्यांगता की जांच और स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से UDID कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत अब तक 2.75 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 58,969 दिव्यांगजनों की जांच की गई है। शेष दिव्यांगजनों को स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध करानेके लिए योजना है।

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