झारखंड में सभी 14 सीटों पर होगा NDA और INDIA में घमासान, बीजेपी के बाद अब कांग्रेस की लिस्ट तैयार,देखें Full Candidate List
झारखंड का चुनावी इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि कोई भी एक पार्टी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक निश्चित प्रभुत्व स्थापित करने में सक्षम नहीं रही है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 12 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और जेएमएम को एक-एक सीट पर सफलता मिली। हालांकि 2019 में ही झारखंड विधानसभा चुनाव में राज्य में जेएमएम-कांग्रेस और आरजेउी गठबंधन को बड़ी जीत मिली। ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर परिणाम की भविष्यवाणी करना अभी मुश्किल होगा।
झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है, फिर भी इसे बेरोजगारी, गरीबी और बुनियादी ढांचे के विकास की कमी जैसे मुद्दों का भी सामना करना पड़ता है। सत्तारूढ़ जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन इन ज्वलंत मुद्दों पर कैसा प्रदर्शन करती है, इससे मतदाताओं की भावनाएं काफी प्रभावित होंगी। यह संभव है कि एनडीए और इंडिया गठबंधन का चुनाव अभियान विकास और रोजगार के वादों के आसपास केंद्रित होगा।
बीजेपी की पहली सूची में 11 उम्मीदवारों की घोषणा
बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी गई। राजमहल से ताला मरांडी, दुमका से सुनील सोरेन, गोड्डा से निशिकांत दुबे, कोडरमा से अन्नपूर्णा देवी, रांची से संजय सेठ और जमशेदपुर से विद्युत वरण महतो को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं खूंटी से अर्जुन मुंडा, सिंहभूम से गीता कोड़ा, लोहरदगा से समीर उरांव, पलामू से वीडी राम और हजारीबाग से मनीष जायसवाल को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया हैं।
कांग्रेस-जेएमएम-आरजेडी के बीच सीटों का फार्म्युला तय
एक ओर जहां बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी गई, वहीं जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन की ओर से भी सीटों के फार्म्युला को अंतिम रूप दे दिया गया है। कांग्रेस की दूसरी सूची में झारखंड से भी कई उम्मीदवारों के नाम की घोषणा संभव हैं।
झारखंड में कितने चरण में होंगे चुनाव?
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में झारखंड में मतदान चार चरणों में आयोजित किया गया था, जबकि वर्ष 2014 में यह तीन चरणों में किया गया था। इन निर्वाचन क्षेत्रों के परिदृश्य की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग एक बार फिर 2024 के आम चुनाव में तीन से चार चरण में आयोजित किए जा सकते हैं।
झारखंड में 14 में से 6 सीटें एसटी-एससी के लिए आरक्षित
झारखंड सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाले भारतीय राज्यों की सूची में असम के साथ संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर है, क्योंकि दोनों के खाते में कुल 14 सीटें हैं। झारखंड की सबसे बड़ी आबादी आदिवासियों की है, जिसके कारण ही राज्य में 14 में से 5 सीटें एसटी के लिए और एक सीट एससी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।



