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1.32 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में यस बैंक के 2 कर्मचारी अरेस्ट, गुरुग्राम साइबर पुलिस ने लिया ऐक्शन

यस बैंक के दो कर्मचारियों को गुड़गांव पुलिस की साइबर क्राइम थाना ईस्ट टीम ने अरेस्ट किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने साइबर ठगों को ठगी की राशि ट्रांसफर कराने के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराया था। दोनों आरोपी बैंककर्मियों दीपक व धर्मेंद्र को दिल्ली के रोहिणी एरिया से अरेस्ट किया गया है। मंगलवार को इन्हें कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।

साइबर क्राइम थाना ईस्ट में एक शख्स ने 3 फरवरी 2024 को एक शिकायत दी। जिसमें कहा गया कि वट्सऐप के जरिये ठगों ने संपर्क किया और स्टॉक मार्केट में निवेश पर बेहतर मुनाफे का झासा देकर 1 करोड़ 32 लाख रुपये ठग लिए गए। साइबर क्राइम थाना ईस्ट में एफआईआर दर्ज की गई। एसीपी साइबर प्रियांशु दीवान की अगुवाई में जांच करते हुए एसएचओ इंस्पेक्टर देवेंद्र व टीम ने मिलकर कार्रवाई शुरू की।

आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया गया है। इनसे पूछताछ कर टीम केस से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

सिद्धांत जैन, डीसीपी साउथ

10 लाख रुपये एक खाते में ट्रांसफर

जांच में पता चला कि ठगी की इस राशि में से 10 लाख रुपये एक खाते में ट्रांसफर हुए थे। 9 मार्च को टीम ने इस खाताधारक को अरेस्ट किया। इसकी पहचान प्रकाश के तौर पर हुई। इससे पूछताछ में मिली जानकारी के बाद सोमवार को टीम ने दिल्ली के रोहिणी एरिया से दो आरोपियों को पकड़ा है। इनकी पहचान दिल्ली के बवाना निवासी 32 साल के दीपक और राजस्थान भरतपुर निवासी 30 साल के धर्मेंद्र के तौर पर हुई।

दोनों बैंककर्मियों को मिले थे 1 लाख 60 हजार रुपये

पूछताछ में पता चला कि ये दोनों यस बैंक के कर्मचारी हैं। धर्मेंद्र ने ही प्रकाश के नाम पर यस बैंक में खाता खोला था। फिर दीपक ने इस बैंक खाते को साइबर ठग को बेच दिया था। ताकि वे इसका इस्तेमाल कर साइबर ठगी की राशि इसमें ट्रांसफर करा सकें। ये बैंक खाता बेचने के लिए दोनों बैंककर्मियों को 1 लाख 60 हजार रुपये मिले थे। ये राशि आरोपियों ने आपस में बांट ली थी।

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