अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ का काउंटडाउन, बाकी बचे 48 घंटे में विधायकों के टूटने का खतरा बढ़ा
बिहार विधानसभा के स्पीकर अवध बिहारी चौधरी की जिद ने बिहार के सियासी दलों में खलबली मचा दी है। हर दल ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को हैदराबाद में नजरबंद कर दिया है तो जेडीयू विधायकों ने शनिवार को भोज पर अपनी एकजुटता दिखाई। जेडीयू में भोज और बैठकों का सिलसिला रविवार को भी जारी रहेगा। भाजपा ने अपने विधायकों को प्रशिक्षण के बहाने में बोध गया बुला लिया है। आरजेडी नेता और पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने भी महागठबंधन के विधायकों को भोज पर बुलाया है। भाजपा के विधायक रविवार रात तक पटना पहुंचेंगे।
महबूब आलम मांझी से मिले
आरजेडी ने महागठबंधन के विधायकों को एकजुट रखने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। सबसे संपर्क साधा जा रहा है। जेडीयू और भाजपा के विधायकों में आरजेडी की सेंधमारी की खबरों के बीच यह भी सूचना है कि उसके ही कई विधायकों के फोन बंद मिल रहे हैं। फोन बंद रहने या नाट रिचेबल बताने वाले आरजेडी के विधायकों की संख्या छह-सात बताई जा रही है। इस बीच चौंकाने वाली खबर यह है कि सीपीआई (एमएल) में भी टूट हो सकती है। माले विधायक महबूब आलम ने शनिवार को पूर्व सीएम और एनडीए के नेता जीतन राम मांझी से मुलाकात की। मुलाकात किस सिलसिले में थी, यह तो पता नहीं चला है, लेकिन मौजूदा सियासी हलचल में इस मुलाकात के दूसरे मायने निकाले जाने लगे हैं। अनुमान है कि माले के कुछ विधायक नीतीश कुमार का साथ दे सकते हैं। चूंकि सारी गतिविधियां गोपनीय हैं और इसकी कोई ब्रीफिंग नहीं हो रही, इसलिए अटकलों-अनुमानों के आधार पर मीडिया में खबरें बन रही हैं।
जेडीयू विधायकों का जमावड़ा
शनिवार को जेडीयू के विधायक पार्टी के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार के आवास पर जुटे। कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बैठक में आए, पर जल्दी ही चले गए। जिस वक्त वे पहुंचे थे, उस समय तक जेडीयू के 20-25 विधायक ही आए थे। बाद में दो-तीन को छोड़ सभी विधायक पहुंच गए। जो नहीं पहुंचे, उनके बारे में जानकारी मिल रही है कि उन्होंने पहले ही इसकी सूचना दे दी थी। हालांकि रविवार को विजय चौधरी के आवास पर होने वाली बैठक में सभी के उपस्थित रहने की जानकारी मिली है। श्रवण कुमार के आवास पर जेडीयू विधायकों के भोज का भी आयोजन था। सीएम गए, पर भोज में शामिल हुए बगैर लौट गए। जेडीयू के 45 विधायकों में 2-3 विधायकों को छोड़ बाकी सभी पहुंच गए थे। जो विधायक नहीं पहुंच पाए, उनके बिहार से बाहर होने की सूचना पार्टी को मिल गई थी।



