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बुढापे में शांति धारीवाल की बुद्धि भ्रष्ट हो गई’, पहले दिन विधानसभा पहुंचे बाल मुकुंद आचार्य के फिर दिखे तीखे तेवर

जयपुर शहर की हवा महल सीट से पहली बार विधायक बने बाल मुकुंद आचार्य विधानसभा पहुंचते ही आक्रामक अंदाज में दिखे। उन्होंने कांग्रेस के सीनियर विधायक शांति धारीवाल पर हमला बोला है। आचार्य ने कहा कि पूर्व मंत्री और विधायक शांति धारीवाल की बुढ़ापे में बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। वे कभी कहते हैं यह मर्दों का प्रदेश है और आज सदन के लिए कह रहे हैं कि भजन मंडली आ गई। आचार्य ने कहा कि उन्हें भजन से इतनी आपत्ति क्यों है, भजन अच्छी चीज है। भजन मंडली आ गई है तो भजन करेंगी, सत्संग करेंगी। 36 कौम को साथ लेकर सबका विश्वास जीतेंगी और प्रदेश का विकास करेंगी।

घर बैठकर णमोकार का जप करना चाहिए

भाजपा विधायक बाल मुकुंद आचार्य ने कहा कि धारीवाल की मति भ्रष्ट हो गई है। महिलाओं के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामले में मर्दों वाला प्रदेश कहने में उन्हें जरा भी शर्म नहीं आई। आचार्य ने कहा कि बुजुर्ग आदमी को अब घर बैठकर णमोकार मंत्र का जाप करना चाहिए। इस तरह के गंदे शब्दों का इस्तेमाल करने के बजाय राम नाम का जाप करना चाहिए और भगवान के भजन करने चाहिए।

जनता इन्हें डिलीट कर चुकी – बाल मुकुंद आचार्य

कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांध कर सदन में आए तो बाल मुकुंद आचार्य ने कहा कि ऐसा करके वे क्या संदेश देना चाहते हैं। प्रदेश में खुशी और प्रसन्नता का माहौल है। प्रदेश से कुशासन चला और सुशासन आ गया है। जनता इन्हें डिलीट कर चुकी है। अब तो समझना चाहिए। देवतुल्य जनता जब डिलीट कर चुकी है तो काली पट्टी बांधकर विरोध करने का क्या तुक है। आचार्य ने कहा कि आज हम प्रदेश के विकास के लिए संगठित हुए हैं। सदन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि कांग्रेस मुक्त भारत बने, जितने भी दलों ने मिलकर गठबंधन किया है, वे महाठग हैं। उन्हें संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के प्रति कोई सम्मान नहीं है।

काली पट्टी बांधकर आए कांग्रेस विधायक, धारीवाल ने व्यवस्था पर उठाए सवाल

लोकसभा सांसद पर की गई निलंबन की कार्रवाई के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित सभी कांग्रेसी विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे थे। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने शपथ लेने के तुरंत बाद डायस से ही सांसदों के निलंबन की निंदा करते हुए कहा कि प्रजातंत्र की हत्या किए जाने पर वे अपनी पार्टी की ओर से पुरजोर विरोध करते हैं। कांग्रेसी विधायक शांति धारीवाल ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने पर सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण होना चाहिए। 24 घंटे का नोटिस देकर अचानक सत्र बुला लिया। धारीवाल ने कहा यह कोई भजन मंडली है जो अचानक कह दिया कि शाम को आ जाओ।

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