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8000 नियोजित शिक्षकों के पास है 48 घंटे का समय, केके पाठक के फरमान से हड़कंप

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक एक बार फिर से नियोजित शिक्षकों के खिलाफ सख्ती के मूड में हैं। माना जा रहा है कि अगर इस बार शिक्षकों ने आदेश की अनदेखी की तो करबी आठ हजार के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। जानकारी के अनुसार इन आठ हजारों में 3197 ऐसे शिक्षक हैं, जो अभी तक निगरानी टीम को फोल्डर जमा नहीं किए हैं। इसके अलावे 4622 ऐसे नियोजित शिक्षक हैं जो ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रोफाइल अपलोड नहीं किए हैं। जानकारी के अनुसार, निगरानी जांच और प्रोफाइल अपलोड करने में सुस्ती बरतने वाले शिक्षक और अधिकारियों को जब से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश की जनकारी मिली है, तब से अधिकारियों और शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

Bihar Education Department

दोनों विभाग के दावे में बड़ा अंतर

जानकारी के अनुसार, डीपीओ स्थापना कार्यालय 10613 में 1828 शिक्षकों का फोल्डर जमा नहीं होने की बात कर रहा है। दूसरी ओर निगरानी के पदाधिकारी 3197 शिक्षकों के फाइल फोल्डर जमा नहीं होने की बात कह रहे हैं। दोनों पदाधिकारियों के दावे में 1365 का अंतर है। जिले के 16095 नियोजित शिक्षकों को अपना प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट करने के लिए कहा गया था, जिसमें से 11473 शिक्षकों के डेटा को प्रखंड से बीईओ और जिला से डीपीओ ने अप्रूव कर दिया है। जबकि 4622 शिक्षकों ने अपना प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है।

निगरानी को हाई कोर्ट ने दिया था आदेश

जिले में 2006 और 2015 में बहाल होने वाले 10613 नियोजित शिक्षकों का फाइल फोल्डर निगरानी टीम को जांच के लिए जमा करने का आदेश हाई कोर्ट ने दिया था। आदेश जारी होने के करीब 8 साल गुजरने के बाद भी कई प्रखंडों से शिक्षकों का फाइल फोल्डर जमा नहीं हो सका है। नियोजन इकइयों की सुस्ती और लापरवाही से तंग आकर पटना हाई कोर्ट ने 2019 में शिक्षकों से संबंधित डेटा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा था।

48 घंटे के अंदर अपलोड करें प्रोफाइल

डीपीओ एसएसए रवि कुमार ने कहा कि सभी शिक्षकों को प्रोफाइल 48 घंटे के अंदर ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपडेट करने के लिए कहा गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया जाएगा। वहीं, डीपीओ स्थापना संदीप रंजन ने बताया कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लंबित प्रोफाइल जमा करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर निगरानी टीम को दिए गए डेटा में अंतर है तो उसे समय रहते दूर करने के लिए भी कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर बीईओ और शिक्षक, दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।

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