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156 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी कांग्रेस, BJP की इस रणनीति के चलते 60 सीटों पर नहीं निकल रहा तोड़

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 कांग्रेस ने 156 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। अब 44 प्रत्याशियों घोषित करना शेष है। इनमें से 10 विधानसभा सीटों पर विवाद जारी है। ये 10 ऐसी सीटें हैं, जहां स्थानीय नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच एक राय नहीं बन पा रही है। स्थानीय नेतृत्व जिन्हें टिकट दिलाना चाह रहे हैं। वे नाम पार्टी हाईकमान को मंजूर नहीं है। ऐसे में बार बार मैराथन बैठकों के बावजूद इन 10 सीटों पर प्रत्याशी तय किए जा सके।

जानिए इन 10 विवादित विधानसभा सीटों को

जिन 10 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम को लेकर विवाद चल रहा है। उनमें जयपुर की हवामहल, झोटवाड़ा, कोटा उत्तर, पीपल्दा, लाडपुरा, कांमा, नागौर, झालरापाटन, अजमेर उत्तर और खींवसर शामिल है। इन 10 सीटों में कुछ सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा के दिग्गज नेताओं से मुकाबला होना है। प्रदेश नेतृत्व जिन नेताओं को चुनावी मैदान में उतारना चाहता है, वे नाम राष्ट्रीय नेतृत्व को मंजूर नहीं है। कुछ सीटें ऐसी है जहां दावेदारों के नाम बड़े हैं लेकिन अनुशासनहीनता के कारण उनके नाम अटके हुए हैं।

हवामहल, कोटा उत्तर और अजमेर उत्तर सीटों पर है यह विवाद

जयपुर की हवामहल सीट से मंत्री महेश जोशी, कोटा उत्तर से शांति धारीवाल और अजमेर उत्तर से आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ दावेदारी कर रहे हैं। ये तीनों वही नेता हैं जिन्होंने 25 सितंबर 2022 को कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ बगावत की थी। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर बुलाई गई विधायक दल की बैठक का ना केवल बहिष्कार किया बल्कि धारीवाल के सरकारी बंगले पर समानांतर बैठक करके करीब 80 विधायकों को भड़काया।

उन्हें विधायक दल की बैठक से दूर रखा और आधी रात को इस्तीफा दिलवा दिया। इस हरकत को गंभीरता से लेते हुए पार्टी हाईकमान ने डॉ. जोशी, धारीवाल और राठौड़ को नोटिस जारी किए थे। इसी वजह से इन तीनों नेताओं के टिकट पर संकट के बादल छाए हुए हैं।

नागौर, खींवसर और झालरापाटन से मजबूत उम्मीदवार की तलाश

नागौर में भाजपा ने डॉ. ज्योति मिर्धा को प्रत्याशी घोषित किया है। डॉ. मिर्धा कांग्रेस में रहते हुए सांसद रह चुकी है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। अब कांग्रेस को नागौर से मजबूत प्रत्याशी की तलाश है जो मिर्धा परिवार को टक्कर दे सके। खींवसर में हनुमान बेनीवाल लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वहां पर भी पार्टी किसी ऐसे नेता को उतारना चाह रही है जो बेनीवाल को सीधी टक्कर दे सके।

झालरापाटन सीट से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा उम्मीदवार हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने राजे के सामने मानवेन्द्र सिंह को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस बार मानवेन्द्र सिंह को बाड़मेर की सिवाना सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में पार्टी को झालरापाटन ने मजबूत प्रत्याशी की तलाश है। प्रदेश नेतृत्व ने जिन नामों का पैनल बनाकर भेजा। उस पैनल से हाईकमान खुश नहीं है।

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