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बिहार कांग्रेस के कार्यक्रम में लालू यादव चीफ गेस्ट, नीतीश को मिल गया साफ-साफ संदेश?

बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह की जयंती पर कांग्रेस मुख्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया। श्री कृष्ण सिंह की 136वीं जयंती समारोह का उद्घाटन आरजेडी प्रमुख लाल यादव ने किया। इसके बाद से ही बिहार की सियासत में नए राजनीतिक समीकरण के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। यूं कहें तो कांग्रेस मुख्यालय से कांग्रेस और आरजेडी ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को साफ-साफ संदेश भी दे दिया। दरअसल, 2017 के बाद पहली बार लालू यादव बिहार कांग्रेस के दफ्तर पहुंचे। वहां पर लालू यादव ने अपनी ऐसी मौजूदगी दिखाई कि बिहार की सियासी गलियारों में आकलन का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक पंडित अपने-अपने स्तर पर आकलन कर रहे हैं।

Lalu Yadav

तो लालू ने दे दिया नीतीश को संदेश?

एक समय में लालू यादव ने कांग्रेस के विरोध में आवज बुलंद कर राजनीति में मुकाम पाए। हालांकि अब कांग्रेस के साथ उनके घनिष्ठ संबंध हैं। पटना की बैठक में जिस तरह लालू यादव ने राहुल गांधी को ‘दूल्हा’ बनाने की बात कही थी, उस वक्त अपरोक्ष रूप से मान लिया गया था कि I.N.D.I.A की ओर से राहुल गांधी ही पीएम पद के उम्मीदवार होंगे। अब लालू यादव की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकी नीतीश कुमार और जेडीयू को परेशान करने वाली हो सकती है।

सबसे पहले लालू ने ही बताया था नीतीश को पीएम कैंडिडेट

लालू यादव ने इंडिया गठबंधन बनने से पहले नीतीश कुमार पीएम पद के उम्मीदवार बताया था। हालांकि समय के साथ-साथ उनकी पसंद बदलती गई। धीरे-धीरे वे राहुल गांधी के नजदीक जले गए। इस बीच जेडीयू की ओर से बार-बार दावा किया गया कि नीतीश कुमार पीएम पद के दावेदार हैं, लेकिन आरजेडी की ओर से बयान आना बंद हो गया। यही कारण है कि बिहार कांग्रेस मुख्यालय में श्री कृष्ण सिंह के जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर जाना राजनीतिक तौर पर बहुत कुछ संदेश दे रहा है।

विपक्षी गठबंधन का चेहरा कौन… लालू ने बता दिया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कहा कि ये लोग ( BJP ) कहते हैं कि I.N.D.I.A का चेहरा कौन होगा। तो मैं बताना चाहता हूं कि हमलोग नेता चुन लेंगे। इसमें कोई परेशानी नहीं होगी। इस बार बीजेपी का सफाया हो जाएगा। लालू यादव ने आगे कहा कि बिहार में जातीय गणना कराने के बाद बीजेपी को पटना लोकसभा क्षेत्र को छोड़कर कहीं जगह नहीं मिल रही है। राहुल गांधी भी अब जातीय गणना के समर्थन में आ गए हैं। अब पूरे देश में जातीय गणना करवाएंगे।

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