Uncategorized

कांग्रेस के गढ़ को ढहाने के लिए बीजेपी का ‘बलराम’ वाला प्लान, सुनील जाखड़ को सौंपी सीकर की कमान

कांग्रेस के गढ़ सीकर को भेदने के लिए बीजेपी इस बार एड़ी से चोटी का जोर लगा रही है। इसके लिए पार्टी में विशेष व्यू रचना तैयार की गई है। दरअसल वर्तमान में सीकर की 8 सीटें कांग्रेस के कब्जे है और बीजेपी यहां पूरी तरह साफ है। विधानसभा के इतिहास में राजस्थान का यह जिला बीजेपी के लिए कभी इतना मुफीद नहीं रहा जितना कांग्रेस के लिए है। हालांकि बीजेपी ने गाहे-बगाहे कांग्रेस के इस गढ़ में ढहाने के प्रयास किए हैं लेकिन देशभर में अपना परचम लहराने वाली बीजेपी को विधानसभा चुनाव में यहां आज भी बड़ी सफलता का इंतजार है। अलबत्ता लोकसभा के चुनाव में जरूर बीजेपी ने यहां 90 के दशक से अपनी जड़ें मजबूत की हैं। इस दौरान हुए चुनावों में एक बार को छोड़कर पांच बार बीजेपी ने संसद में दस्तक दी है। अब 40 साल पहले डॉ. बलराम जाखड़ की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले उनके बेटे सुनील जाखड़ को पार्टी ने सीकर की कमान सौंपी है।

1984 में डॉ. बलराम जाखड़ ने लड़ा था चुनाव, सुनील ने ही संभाली थी कमान

इस वर्ष के अंत में होने वाले चुनाव में बीजेपी विशेष तैयारी के साथ उतरने जा रही है। इसी के तहत बीजेपी ने बुधवार को अपनी पार्टी के पंजाब सूबे के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को सीकर जिले का सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज बनाया है। याद रहे जाखड़ का सीकर से विशेष नाता रहा है। वर्ष 1984 में आतंकवाद के कारण पंजाब में चुनाव न होने से जाखड़ के पिता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. बलराम जाखड़ सीकर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने आए थे। उसी दरमियान जाखड़ ने अपने पिता के चुनाव की कमान संभाल थी। इसी के चलते सीकर जिले के लोगों से उनका गहरा जुडाव हो गया था।

जाट बाहुल्य जिले में बीजेपी ने जाखड़ को दी जिम्मेदारी

यह दीगर है कि जाखड़ उस सम्पर्क को निरंतर नहीं रख सके। इसी बीच पंजाब के बदले राजनीतिक घटनाक्रम में जाखड़ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी शामिल हो गए। बीजेपी के रणनीतिकारों ने भी उनके अतीत को देखते हुए सीकर जिले की आठों सीटों के लिए जिम्मेदारी देकर एक सोची समझी चाल चली है। देखना यह है कि वर्षों बाद जाखड़ कांग्रेस के अपने पुराने संपर्कों को भुना पाते हैं या नहीं। गौरतलब है कि जाट बाहुल्य जिले में बीजेपी ने जाखड़ को जिम्मेदारी देकर इस इलाके में अपनी हिचकोले खाती कश्ती को संवारने की कोशिश तो कर रही है, परिणाम क्या निकलेंगे यह तो समय ही बताएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button