‘महिला आरक्षण बिल एक जुमला है’, बीजेपी की सरकार ने मजूदरों को किया कमजोर,मल्लिकार्जुन खरगे का बीजेपी पर हमला
चुनावी साल में जनता को लुभाने के लिए छत्तीसगढ़ में आज मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ 266 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि ट्रांसफर किया। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए और इनकी शुरुआत की।
इस कृषक सह श्रमिक सम्मेलन के दौरान खरगे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। खरगे ने कहा कि महिला आरक्षण एक जुमला है। कांग्रेस हर काम दिल से करती है, 2024 में भाजपा को सबक सिखाना ही होगा। बीजेपी के लोग संविधान खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार में आज 2300 करोड़ की योजना लागू की गई। 15 साल में रमन सिंह ने यहां की सुध नहीं ली।
महिला आरक्षण पर बीजेपी को घेरा
जो महिलाओं के लिए कानून पास हुआ। वो रिजर्वेशन का 33 फीसदी ये कोई नया नहीं है। राजीव गांधी ने तो 73-74 अमेंडमेंट लाकर पंचायत जिला पंचायत में महिलाओं को आरक्षण दिया। आज हमारे महिला अक्ष्यक्ष जिले में है। उच्च पद पर है। हर जगह है। जब राजीव गांधी 33 परसेंट बिल लाए तो यही बीजेपी के लोग विरोध किए। आज वहीं बीजेपी सीना ठोककर कहते है कि हम बिल लेकर आए है। 2024 में नहीं लागू होगा जब सेंसेस होगा उसके बाद लागू होगा। 2034 में लागू होगा।
बीजेपी ने मजदूर को कमजोर किया
सम्मेलन को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि भाजपा की सरकार ने मजदूरों को कमजोर किया। हमने उन्हें उनका हक दिया। इतिहास में सम्मान वही पाते हैं, जो गरीबों के लिए लड़ते हैं। लेकिन जो गरीबों को खत्म करने की बात करते हैं, वो खत्म हो जाते हैं। भाजपा के पास इच्छा शक्ति नहीं है। कांग्रेस जो भी काम करती है दिल से करती है। लोगों के लिए करती है।
खरगे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
बीजेपी पर निशाना साधने के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। खरगे ने कहा कि पीएम मोदी बोले थे कि किसानों की आमदनी दोगुनी होगी, लेकिन नहीं हुई। ना ही 15 लाख रुपए लोगों को मिले। बीजेपी के लोग संविधान को खत्म करके दूसरा संविधान लाना चाह रहे हैं। इस दौरान डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि आज के सम्मेलन में हजारों करोड़ रुपये की राशि अन्तरित की गई। इस साल किसानों को मिलने वाली प्रति क्विंटल धान की राशि और बढ़ेगी। प्रति एकड़ ज्यादा राशि दी जा रही है, ये किसी राज्य में नही हो रहा है।



