यह निर्णय चुनाव समिति ने अपनी सुरक्षा को खतरे में बताकर लिया है।
समिति का कहना है कि परिसर में सुरक्षा की गंभीर कमी है।
hostile माहौल के कारण चुनाव को आगे बढ़ाना संभव नहीं है।
समिति ने जब तक पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जाती, तब तक चुनाव न कराने का फैसला लिया है।
तीन दिन के लिए चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों ने भारी हंगामा किया।
छात्रों ने बैरिकेड तोड़ दिए और कांच की खिड़कियां भी तोड़ डालीं।
वे जबरन चुनाव कार्यालय में घुस गए थे।
घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मी निष्क्रिय नजर आए।
इससे उनकी कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चुनाव समिति ने कुलपति से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई।
इसके बाद उन्होंने छात्र कल्याण के डीन को औपचारिक पत्र सौंपा।
इस पत्र में दिल्ली पुलिस की तैनाती की मांग की गई है।
विशेष रूप से मतदान और मतगणना प्रक्रिया के दौरान पुलिस सुरक्षा मांगी गई है।
समिति ने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के लिए यह जरूरी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को समिति से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
छात्र संगठन भी इस मामले को लेकर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
आने वाले दिनों में चुनाव का भविष्य प्रशासन की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।


