नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र सोमवार, 17 मार्च 2025 को होली और सप्ताहांत की छुट्टी के बाद फिर से शुरू हो गया।
इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स और विधेयक पेश किए जाएंगे।
विपक्ष सरकार को ईपीआईसी नंबर डुप्लीकेशन के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
दक्षिण भारतीय सांसदों ने परिसीमन के मुद्दे पर बहस की मांग की है।
लोकसभा में भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह और सपा सांसद वीरेंद्र सिंह रक्षा मंत्रालय के लिए वर्ष 2025-26 के अनुदान पर स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे।
विदेश मामलों पर स्थायी समिति अपनी पांचवीं रिपोर्ट पेश करेगी, जिसे शशि थरूर और अरुण गोविल पेश करेंगे।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के वर्ष 2025-26 के अनुदानों पर भी स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय कोर्ट के लिए दो सदस्यों के चुनाव के प्रस्ताव को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेश करेंगे।
रेल मंत्रालय के अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान भी लोकसभा में होगा।
राज्यसभा में रेलवे मंत्रालय के कार्य पर चर्चा जारी रहेगी, जो 12 मार्च को समिक भट्टाचार्य द्वारा शुरू की गई थी।
मणिपुर के बजट (2025-26) पर भी चर्चा होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2022 में हुए अतिरिक्त खर्च के लिए धनराशि की स्वीकृति हेतु विधेयक पेश करेंगी।
इसके अलावा, वर्ष 2024-25 के लिए समेकित निधि से और धनराशि जारी करने के लिए विधेयक पेश किया जाएगा।
मणिपुर राज्य के वर्ष 2025-26 के लिए निधि से धनराशि की निकासी का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
राज्यसभा में रक्षा, विदेश मंत्रालय और सामाजिक न्याय मंत्रालय पर स्थायी समिति की रिपोर्ट भी पेश होगी।
संसद सत्र में विपक्ष के आक्रामक तेवरों को देखते हुए हंगामे की संभावना है।
ईपीआईसी नंबर डुप्लीकेशन और परिसीमन को लेकर विपक्ष ने पहले ही आक्रोश जताया है।
सरकार का कहना है कि इन मुद्दों पर उचित चर्चा के लिए वे तैयार हैं।
रेल मंत्रालय के बजट को लेकर भी चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी मतदान होने की संभावना है।


