इस ऐतिहासिक सफाई अभियान में प्रयागराज के मेयर गणेश केसारवानी और महाकुंभ के विशेष कार्यकारी अधिकारी आकांक्षा राणा मौजूद रहे।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम इस अभियान की निगरानी के लिए विशेष रूप से प्रयागराज पहुंची।
मुख्य निरीक्षक और निर्णायक ऋषि नाथ लंदन से अपनी टीम के साथ रिकॉर्ड सत्यापन के लिए पहुंचे।
सफाईकर्मियों की गिनती उनके कलाई पर लगे कोड स्कैन करके की गई।
यह अभियान महाकुंभ के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया गया।
महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह पहल की गई।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स टीम ने पूरे अभियान की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजीकरण किया।
सफाईकर्मियों ने एक साथ निर्धारित क्षेत्रों में सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल महाकुंभ को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए की गई है।
महाकुंभ क्षेत्र को चार जोन में विभाजित करके सफाई अभियान को योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
नगर निगम ने बताया कि सफाईकर्मियों को इस रिकॉर्ड प्रयास के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया था।
तीन दिन बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी।
यदि यह प्रयास मान्य होता है, तो यह दुनिया का सबसे बड़ा सफाई अभियान बन जाएगा।
सफाई अभियान के दौरान प्रशासन ने निगरानी और प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया था।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी इस प्रयास की सराहना की।
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रयास महाकुंभ को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सहायक होंगे।
सफाईकर्मियों को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र और सम्मानित किया जाएगा।


