राम मंदिर समाज की जीत, आरएसएस की नहीं: दत्तात्रेय होसबले.
बेंगलुरु: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने रविवार को कहा कि अयोध्या में बने राम मंदिर को आरएसएस की उपलब्धि नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह समाज की सामूहिक जीत है।
होसबले ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान आरएसएस के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई थी और इस आंदोलन की वजह से चार राज्यों में भाजपा की सरकार चली गई थी। इसके बावजूद संघ ने बड़े दिल का परिचय दिया।
उन्होंने कहा, “राम मंदिर का निर्माण आरएसएस की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे समाज का योगदान है।”
होसबले ने यह बयान कर्नाटक में चल रही आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दौरान दिया।
मुगल बादशाह औरंगज़ेब को लेकर चल रहे विवाद पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “आक्रांता मानसिकता” वाले लोग देश की एकता और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग भारतीय मूल्यों के साथ हैं, हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए। जो हमारे देश के आदर्शों के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें महिमामंडित करने का कोई औचित्य नहीं है।”
होसबले ने सवाल किया, “क्या हम ऐसे व्यक्ति को आदर्श मानेंगे जो भारतीय मूल्यों के खिलाफ था, या फिर उन्हें अपनाएंगे जिन्होंने इस भूमि की परंपराओं के अनुसार कार्य किया?”


