श्रीनगर: चुनाव आयोग द्वारा देश के पांच राज्यों में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के बावजूद जम्मू-कश्मीर की दो खाली विधानसभा सीटों – बडगाम और नगरोटा – पर कोई घोषणा नहीं की गई। इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
बडगाम सीट नवंबर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा खाली की गई थी, जब उन्होंने गांदरबल सीट को बरकरार रखा। वहीं, नगरोटा सीट भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई थी। नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने पूछा कि जब अन्य राज्यों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है तो इन दो सीटों के लिए तारीखें क्यों नहीं घोषित की गईं।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के प्रवक्ता महबूब बेग ने भी चुनाव आयोग की चुप्पी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, केरल और पंजाब में चुनावी घोषणाएं तुरंत की गईं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के मामलों में देरी से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। नेताओं ने राज्यसभा की चार खाली सीटों का मुद्दा भी उठाया, जो पांच साल से भर नहीं पाई हैं।


