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कौशांबी ब्लास्ट की जांच करेगी एफएसएल और एमएनएनआईटी, प्लाइवुड गोदाम में अधजले पटाखों पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में प्लाईवुड गोदाम में हुए धमाकों की अब जांच होगी। एफएसएल और एमएनएनआईटी की टीम जांच के लिए पहुंच सकती है। पिपरी कोतवाली इलाके महमूदपुर मनौरी की नई बस्ती मोहल्ले में प्लाईवुड गोदाम में शुक्रवार की रात हुए धमाकों के कारणों की पड़ताल होनी है। यह जांच लखनऊ की एफएसएल तथा प्रयागराज की एमएनएनआईटी करेगी। विस्फोट के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस प्रशासन के लोग भले ही रात में सिलेंडर ब्लास्ट होने से विस्फोट का कारण बता रहे थे। सुबह सच्चाई खुद सामने आ गई। घटनास्थल से 2 सौ मीटर दूर तक फैले जले- अधजले पटाखे और रैपर खुद ही विस्फोट होने की हकीकत बयां कर रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर पाए गए पटाखों के अवशेष की जांच कराए जाने का निर्णय लिया है। सवाल यह उठ रहा है कि प्लाइवुड गोदाम की आड़ में पटाखा स्टोर का धंधा तो नहीं चल रहा था।

Kaushambi Plywood Factory Blast

मनौरी गांव निवासी पूर्व प्रधान और भाजपा नेता शंभू केसरवानी के बेटे सतीश केसरवानी ने नई बस्ती में प्लाईवुड का गोदाम खोल रखा था। उसी गोदाम में दीपावली पर बिक्री के लिए भारी मात्रा में सैकड़ों पेटी पटाखा डंप करके रखे जाने का दावा किया जा रहा है। पड़ोसियों ने बताया कि उसी गोदाम में बूंदी कारखाना भी चलाया जा रहा था। पड़ोसी अमित, चंद्रप्रकाश, दुर्गेश आदि ने बताया कि शुक्रवार रात गोदाम में ताला बंद था। रात दस बजे अचानक गोदाम के अंदर से तेज धुंआ का गुबार और आग की लपटें उठने लगी। जैसे ही वह लोग कुछ समझ पाते तेज धमाका के साथ इतना तेजी से विस्फोट हुआ मानों भूकंप आ गया हो। विस्फोट होने से गोदाम वाले मकान के परखच्चे उड़ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूरा मकान छत समेत गिरकर जमींदोज हो गया। इसके साथ ही बगल के शिवबाबू केशरवानी और सोनू सिंह उर्फ चंद्रप्रकाश सिंह का मकान भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया। विस्फोट होने के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक तेज धमाके के बाद करीब दो घंटे तक रुक- रुककर जल रहे पटाखों से विस्फोट होता रहा। मकानों की मोटी मोटी बीम, सरिया सहित करीब सौ- सौ मीटर दूर जाकर गिरे थे। पास रही नीम की बाग के कई पेड़ जड़ से उखाड़ गए। छत और दीवारों की ईंट करीब 200 मीटर तक छिटके थे।

मौके पर बडे पटाखों के रैपर मिले। वहीं, रॉकेट, चकरी सहित कई प्रकार के भारी मात्रा में पटाखे बिखरे हुए थे। जिससे यह तो साफ है कि भारी मात्रा में पटाखे रखे गए थे। दावा किया जा रहा है कि दीपावली पर्व में बिक्री को लेकर ये पटाखे भंडारित किए जा रहे थे। कुछ तो यह भी अंदेशा जता रहे हैं कि वहां पटाखों के बनाए जाने को अवैध गोरखधंधा फल- फूल रहा था। आग कैसे लगी? विस्फोट सिलेंडर से हुआ या फिर विस्फोट का कारण पटाखा है, इस संबंध न तो परिजन ही कुछ बोलने को तैयार हैं और न ही पुलिस के अधिकारी।

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