राजेंद्र सिंह गुढा ने खोले लाल डायरी के पन्ने, सियासत में तूफान मचाने वाली डायरी की पूरी स्क्रिप्ट यहां पढ़ें
राजस्थान की राजनीति में तुफान लाने वाली लाल डायरी के पन्ने खुलने लगे हैं। गहलोत बर्खास्त मंत्री राजेन्द्र गुढा ने बंद बोतल से सियासी जिन्न को बाहर निकाल दिया है। बुधवार 2 अगस्त की सुबह गुढा ने मीडिया के सामने लाल डायरी के पन्ने खोले। इन पन्नों में कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र राठौड़ द्वारा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी आरसीए के चुनाव में हुई साठगांठ का जिक्र होने का दावा किया गया है। डायरी दिखाते हुए गुढा ने कहा कि ये लिखावट आरटीडीसी के चैयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ की है।
लाल डायरी के दो पन्ने सार्वजनिक, आरसीए हिसाब किताब का जिक्र
राजेन्द्र गुढा ने लाल डायरी के दो पन्ने सार्वजनिक किए हैं। इन पन्नों में राजस्थान क्रिकेट एसोसिशन के चुनाव, हिसाब किताब और आपसी बातचीत का जिक्र किया गया है। धर्मेन्द्र राठौड़ से किन किन लोगों से मिले। उन लोगों ने किस विषय पर चर्चा की। इन सबका जिक्र इन पन्नों में लिखे गए हैं। गुढा का दावा है कि यही वह डायरी है जिसे वे वर्ष 2020 में धर्मेन्द्र राठौड़ के आवास से लेकर आए थे जब उनके ठिकानों पर ईडी की रेड पड़ी थी।
यहां पढें, क्या लिखा है डायरी में
डायरी के एक पेज पर लिखा है कि ‘इसके बाद फिर श्री अविनाश पांडे जी, सचिन पायलट जी के पीछे पीछे मैं …. अल्बर्ट हॉल व्यवस्था देखने पहुंचे। इसके बाद मैं घर आया। घर पर भवानी सामोता, राजीव खन्ना आए, आरसीए चुनाव का हिसाब किया। भवानी सामोता ने ज्यादातर लोगों से जो वादा किया था वो पूरा नहीं किया तो मैने कहा यह ठीक नहीं है। आप इसे पूरा करो। तब भवानी सामोता ने कहा मैं सी.पी. साहब की जानकारी में डालता हूं, फिर 31 जनवरी तक फाइनल बता दूंगा।’
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डायरी में आगे लिखा है कि ‘इसके बाद शिवेन्द्र शेखावत आए, इनके काम के लिए। मैने पी. रमेश आईएएस को फोन किया। फिर मुम्बई वाले रैगर समाज के अध्यक्ष श्रवण नवल चम्पालाल आए। ये लोग सीएम साबह को 9 फरवरी को बुलाना चाह रहे हैं। इसलिए फिर मैंने देवाराम सैनी आरएएस ओएसडी टू सीएम को फोन किया। देवाराम सैनी के फादर एसएमएस में भर्ती है। सो मैंने हालचाल जाने। जुगल मीणा ओएसडी टू सीएम का फोन आया कि जोधपुर वाले कुछ लोग जयपुर राहुल जी की रैली में आ रहे हैं। सो इनका खालने पीने का इंतजाम आपको करना है। तब मैंने हाइवे कििंग के मालिक रतन यादव को यह व्यवस्था करने के लिए कहा।’ डायरी के दूसरे पन्ने में लिखा है कि ‘वैभवजी मेरे दोनों के आरसीए चुनाव खर्चे को लेकर चर्चा हुई कि भवानी सामोता किस तरह तय करके लोगों को अब तक पूरे पैसे नहीं दे रहा है।




